दोस्तों अगर आप भी एक Senior Citizen हैं या आपके परिवार में कोई व्यक्ति है, जो Senior Citizen है, तो नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है। उसके अंदर Government ने Senior Citizen को काफी सारे छूट दी है। ITR फाइलिंग से अर्थात इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से छूट दी है।
इसमें एक छोटा सा Twist है, कुछ Condition दी गई है अगर आप एक Senior Citizen हैं। अगर आप वो Condition को पूरा करते हैं, तो आपको भी पूरी लाइफटाइम ITR फाइल करने की जरूरत नहीं है। जिंदगी में कभी भी, बस एक बार बैंक में जाकर आपको एक फॉर्म भरना है।
एक बार आपने बैंक में जाकर वो फॉर्म भर दिया, तो उसके बाद आपको कभी भी ITR फाइल करने की जरूरत नहीं है। क्या है वो नया फॉर्म? कौन-कौन एलिजिबल है? जानेंगे पूरी जानकारी आज के इस लेख में।

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम Manish है और इस समय आप पढ़ रहे हैं Wealth Brother पर। तो चलिए आज के इस लेख को शुरू करते हैं।
देखिए, फाइनेंसियल ईयर 2025-26 की ITR फाइलिंग बस कुछ ही दिनों में शुरू होने वाली है। यह आईटीआर फाइलिंग तो आपको करनी पड़ेगी। यह जो नया फॉर्म जारी किया गया है। वह केवल कुछ स्पेसिफाइड सीनियर सिटीजन के लिए है, जो अगले साल से एप्लीकेबल होगा। फॉर्म आपको अभी भरना है, आईटीआर फाइलिंग आपकी अगले साल से कैंसिल हो जाएगी। आपको आईटीआर फाइल करने की जरूरत नहीं होगी।
इससे पहले आपने कोई फॉर्म भर रखा था, तो आपके लिए वो फॉर्म ही कंटिन्यू रहेगा। लेकिन आपने आज से पहले कोई भी फॉर्म नहीं भर रखा है, तो नए इनकम टैक्स एक्ट के तहत एक नया फॉर्म जारी किया गया है। वो आपको भर देना है। उसके बाद से आपको अगले साल से कोई भी आईटीआर फाइल करने की जरूरत नहीं है। लेकिन इस साल आपको फाइनेंसियल ईयर 2025-26 का आईटीआर फाइल करना पड़ेगा। देखिए क्या है कंडीशन? कुछ स्पेसिफाइड सीनियर सिटीजन दिए गए हैं।
हर कोई नहीं कर सकता, जिसकी उम्र 60 से ज्यादा है, जरूरी नहीं कि वो इस फॉर्म को फाइल कर पाएगा। कुछ कंडीशन है, क्या-क्या कंडीशन है वो आप पूरी कर पाते हैं तो ही आपके लिए यह फॉर्म वैलिड रहने वाला है।
देखिए इंडिया के अंदर आप रहते हैं सैलरी, पेंशन, बिजनेस, प्रोफेशन, रेंट, प्रॉफिट ऑन सेल ऑफ प्रॉपर्टी कहीं से भी पैसा कमाते हैं। आपको उसके ऊपर टैक्स देना पड़ता है। अगर आपकी लिमिट से ज्यादा इनकम होती है, तो आपको आईटीआर भी फाइल करना होता है। लेकिन अगर आपकी टोटल इनकम 4 लाख के नीचे है, तो आपको आईटीआर फाइल करने की वैसे ही जरूरत नहीं है।
लेकिन इसके अलावा भी अगर कुछ सीनियर सिटीजन वह जो मैं आपको कंडीशन बताऊंगा, अभी वो फुलफिल कर लेते हैं। चाहे उनकी इनकम 8 लाख, 12 लाख, 16 लाख, 20 लाख कितनी भी हो उनको आईटीआर फाइल करने की जरूरत नहीं है। बस ये दो तीन कंडीशन आपको फुलफिल कर लेनी है। क्या है वो कंडीशन? आइए जानते हैं।
देखिए सेक्शन 194P होता था पुराने इनकम टैक्स एक्ट के तहत। नया सेक्शन है 393। इस सेक्शन के तहत एक रूल दिया गया है जिसमें स्पेसिफाइड सीनियर सिटीजन को आईटीआर फाइल करने से माफी दी गई है, यानी कि छूट दी गई है।
अब जानते हैं क्या है वो कंडीशन स्पेसिफाइड सीनियर सिटीजन की?
- व्यक्ति की उम्र 75 साल या उससे अधिक होनी चाहिए।
- व्यक्ति पिछले साल से भारत का नागरिक होना चाहिए। अर्थात जिस साल यह फॉर्म भरा जाएगा, उससे पहले से वे भारत का नागरिक होने चाहिए।
ये दो कंडीशन जिसने पूरी कर ली उसको नए इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 393 के तहत स्पेसिफाइड सीनियर सिटीजन बोला जाएगा।
अब देखिए और क्या कंडीशन है? उस व्यक्ति की जो स्पेसिफाइड सीनियर सिटीजन है, इनकम का सोर्स क्या-क्या हो सकता है ? पेंशन की इनकम इसमें शामिल होगी या नहीं ?
अगर आप एक Government employee हैं या फिर कहीं और से आपको कोई पेंशन मिल रही है, उसके अलावा आपकी इंटरेस्ट इनकम हो सकती है। लेकिन केवल एक ही बैंक होना चाहिए। एक ही बैंक के अंदर आपकी इंटरेस्ट इनकम आनी चाहिए।
वो बैंक चाहे एसबीआई हो, पीएनबी हो पर वो बैंक सिर्फ और सिर्फ गवर्नमेंट बैंक होना चाहिए। स्पेसिफाइड बैंक दिया गया है। उस स्पेसिफाइड बैंक की लिस्ट में सारे गवर्नमेंट बैंक कवर होते हैं। तो इंटरेस्ट इनकम हो सकती है और पेंशन इनकम हो सकती है। दो तरह की इनकम हो सकती है। केवल इंटरेस्ट में आपका सेविंग अकाउंट और एफडी दोनों कवर हो जाएगा। उस बैंक के अंदर आपकी चाहे कितनी भी एफडी हो, कितने भी सेविंग अकाउंट हो एक ही बैंक के अंदर होना चाहिए।
इसके अलावा अब क्या करना है ?
यह जो स्पेसिफाइड सीनियर सिटीजन है जो मैंने आपको कंडीशन बताई उसकी इनकम का सोर्स भी बताया। इनको एक डिक्लेरेशन सबमिट करना है। ये पुराना सेक्शन था पुराने एक्ट के तहत नया सेक्शन आपको बता दिया 393 है। अब जो नया फॉर्म है उसका भी नंबर बदल गया है। वो फॉर्म भी चेंज हो गया है। आपको एक डिक्लेरेशन बैंक में देनी है। जिस बैंक में आपका अकाउंट है, उस बैंक में आपको एक डिक्लेरेशन देनी है।
जो डिक्लेरेशन दी जाएगी वो दी जाएगी फॉर्म नंबर 125 के अंदर। 125 नंबर फॉर्म है। आपको बताऊंगा कौन सा फॉर्म है? कैसे भरना है पूरी जानकारी आपको मिलेगी। क्या करना है? यदि यह फॉर्म आपने एक बार बैंक के अंदर जमा कर दिया तो, इसके बाद आपके ऊपर जो भी टैक्स बनता है बैंक की जिम्मेदारी होगी। आपकी जिम्मेदारी मुक्त हो जाएगी। सिर्फ बैंक की जिम्मेदारी बनेगी फिर कि आपके ऊपर कितना टैक्स बनता है उसको कैलकुलेट करे।
बैंक खुद से कैलकुलेट करेगा। जितना टैक्स बनता है वो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को आपके बिहाफ पे जमा कराएगा। आपके नाम पर वो आईटीआर फाइल करेगा। हर साल जितना उसका टैक्स बनेगा बैंक करेगा यह सारे काम। आपको केवल बैंक को एक बार लाइफ टाइम में केवल एक बार यह फॉर्म भर के जमा करवा देना है।
अब देखिए पहले यह फॉर्म होता था 12 बीबीए। अगर आपने आज से पहले 12 बीबीए फॉर्म भर के कभी बैंक में सबमिट करवाया है तो आपको दोबारा से नया फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। आपका वही फॉर्म वैलिड रहने वाला है।
अब इस साल से अगर आप यह डिक्लेरेशन देना चाहते हैं तो आपको फॉर्म नंबर 125 भरना होगा। अब 12 बीबीए फॉर्म बंद हो गया है। लेकिन आपने पहले कोई फॉर्म भर रखा है आज से पहले तो आपके लिए यही वैलिड रहने वाला है। आज से दो-ती साल पहले अगर आपने ये फॉर्म भर के दे दिया है तो, आपके लिए वही फॉर्म वैलिड रहने वाला है।
उसके बाद में बैंक को ही आपका इनकम टैक्स डिडक्ट करना है जितने आपके ऊपर एप्लीकेबल होता है। 4 लाख तक 0% होता है। फिर 5% होता है। फिर 10% होता है। अगले 44 लाख पे इस तरह से होता है।
वैसे 12 लाख तक का इनकम टैक्स जीरो है। 12 लाख तक अगर आपकी इनकम है, तो इनकम टैक्स जीरो हो जाएगा। उससे ऊपर है तो बैंक आपको टीडीएस काट के ही पेमेंट करेगा। आपकी जो इंटरेस्ट इनकम आ रही है, जैसे कि मान लो आपकी ₹16 लाख इनकम है तो ₹16 लाख पे जितना आपका टैक्स बनता है बैंक कैलकुलेट करेगा।
मान लेते हैं ₹1 लाख आपका टैक्स बना, ₹16 लाख की इनकम पे, तो बैंक क्या करेगा ? आपको ₹15 लाख ही पेमेंट करेगा, 1 लाख आपको पेमेंट ही नहीं करेगा। बैंक एफडी में क्या होता है ? टीडीएस 10% कटता है, यहां पर आपका 10% टीडीएस नहीं कटेगा यहां पर आपका जितना एक्चुअल टैक्स बनता है ना उतना ही टीडीएस कटेगा, तो आपको केवल एक बार बैंक में डिक्लेरेशन दे देनी है। ये फॉर्म नंबर 125 है।
इस फॉर्म को कैसे फिल करना है ?
आइए आपको जल्दी से एक बार बता देते हैं। पहले पॉइंट में अपना नाम डालना है। दूसरे में अपना एड्रेस डालना है। तीसरे में अपना पैन नंबर डालना है। चौथे में डेट ऑफ बर्थ।
टैक्स ईयर में 2026-27 आएगा। इसके बाद ईमेल आईडी डालनी है। कंट्री कोड में +91 लिखना है। मोबाइल नंबर में अपना मोबाइल नंबर डाल देना है। नेम ऑफ स्पेसिफाइड बैंक में, जिस बैंक में आप फॉर्म जमा कर रहे हैं। SBI में कर रहे हैं तो SBI, PNB में कर रहे हैं तो PNB जो भी बैंक है उसका नाम आपको लिख देना है। यह फॉर्म गवर्नमेंट बैंक के अंदर ही एक्सेप्ट होगा।
नेम ऑफ एंप्लयर फ्रॉम वि पेंशन इज ड्रॉन में। पेंशन आपको कहां से आ रही है? जहां से आप रिटायर्ड हुए हैं, उस कंपनी का आप नाम लिख सकते हैं। जहां से भी आपको पेंशन का अमाउंट मिल रहा है, उसका नाम आपको लिख देना है। उसके बाद आपको पीपीओ नंबर लिख देना है। आपका जो पीपीओ नंबर होता है, 12 डिजिट का नंबर होता है। शायद अगर आपको पेंशन मिल रही है तो आपको पता होगा। यह दोनों केस अगर आपको पेंशन मिल रही है तो ही लिखना है। नहीं है तो आप यहां पर Na लिख करके बैंक में दे सकते हो। अगर आपके केस में यह दोनों एप्लीकेबल नहीं है। आपकी केवल इंटरेस्ट इनकम है तो भी आप यह फॉर्म भर सकते हो। यहां पर आपको Na लिख देना है।
डिटेल ऑफ अकाउंट्स मेंटेंड विद बैंक में, जिस बैंक में आप यह फॉर्म दे रहे हो उस बैंक के अंदर जितने भी आपके अकाउंट हैं उन सबकी लिस्ट आपको यहां पर दे देनी है। 1 2 3 4 जितने भी अकाउंट हैं सेविंग अकाउंट एफडी सबकी जानकारी आपको यहां पर लिख देनी है। आजकल अगर आप एक अकाउंट भी लिख दोगे, तो बैंक वाले ऑटोमेटिक सभी अकाउंट फैच कर लेते हैं। बाकी आपको लिखने यहां पर सारे हैं।
इंडिविजुअल अकाउंट है या जॉइंट अकाउंट है उसकी जानकारी भी आपको यहां पर बता देनी है। ये हो गए 11 पॉइंट।
अब देखिए 12वां जो आखिरी पॉइंट है वेदर ऑप्टिंग आउट ऑफ न्यू टैक्स रिजीम। तो यहां पे आपको No लिख देना है। अब मैं आपको No क्यों बोल रहा हूं ? ओल्ड में मत जाइए। ओल्ड में ₹5 लाख से ऊपर आपकी इनकम होते ही आपके ऊपर टैक्स लग जाएगा। इसीलिए आपको न्यू में ही रहना है इसमें ₹12 लाख तक कोई भी टैक्स नहीं है। इसलिए आप न्यू टैक्स रिजीम में ही रहिए।
इसके अलावा आपको अपना नाम लिख देना है, पैन नंबर दे देना है अपना। तारीख लिख देनी है। प्लेस लिख देना है और आपको अपना साइन कर देना है। यह हो गया कंप्लीट फॉर्म।
आपको यह फॉर्म 125 जो है यह फाइल करके एक बार जिंदगी में बैंक में जमा करवा देना है। एक बार फॉर्म आपने जमा कर दिया उसके बाद से आपका लाइफ टाइम कभी भी टैक्स नहीं कटेगा। टैक्स उतना ही कटेगा जितना आपका बनता है। एक्स्ट्रा टैक्स कभी नहीं कटेगा। आपको आईटीआर फाइल करने की जरूरत नहीं होगी।



